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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जीव हिंसा महापाप

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जीव हिंसा महापाप है। गला काटै कलमा भरै, किया करै हलाल। साहिब लेखा मांगसी तब होगा कौन हवाल।।           कबीर, दिनको रोजा रहत हैं, रात हनत हैं गाय।              यह खून वह वंदगी, कहुं क्यों खुशी खुदाय।।  पूर्ण परमात्मा का आदेश नहीं है माँस खाने का ।। परमात्मा   ने इंसान तो क्या जानवरों को भी मांस खाने की इजाजत नहीं दी।  सबके खाने के लिए फल, सब्जियां, अनाज, और पेड़ पौधे बनाये हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें साधना tv 7:30pm   https://youtu.be/E0UBS4KKymo

नशा नाश का दूजा नाम

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नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। इस का किसी भी शास्त्र में उल्लेख नहीं कि नशा करें। यह मानव समाज को बर्बाद कर रहा है। नशा नाम की दीमक मानव समाज को खोखला कर चुकी है। नशा मुक्ति केंद्र